बगरुन पाट देव
सभी गांव के सीमा में यह बगरुन पाट देव विराजित रहता है , और कहा जाता है यह देव एक प्रगणक के रूप में कार्य करता है या यू कहे एक पहरेदार, चौकीदार gate keeper , या सीमा सुरक्षा बल जिसे अंदर या बाहर जाने के लिए कुछ न कुछ देना आवश्यक होता है , यह प्रत्येक दिशा जंहा से होकर गांव में प्रवेश किया जाता है वँहा के सीमा पर रहता है।। जब मैं बहुत छोटा था तब अपने दादा दादी, माँ के साथ पोटगाँव, धनेलिकन्हार, कोरर, आदि का बाजार जाता था चूंकि मेरे गांव मेन रोड लगभग 2-3 किलोमीटर अंदर है तो मेन रोड तक पैदल जाना ही होता था, जब हम पैदल जाते थे तो बांकी बुजुर्ग (सियान लोग) कोई भी पेड़ के छोटे से पत्तेदार टहनी गांव के सियार जिसे बगरुन पाट कहते है वँहा रखते थे और कहते थे
// लेखक // कवि // संपादक // प्रकाशक // सामाजिक कार्यकर्ता //
email:-aaryanchiram@gmail.com
Contect Nu.7999054095
CEO & Founder



0 टिप्पणियाँ
अपना विचार रखने के लिए धन्यवाद ! जय हल्बा जय माँ दंतेश्वरी !